Koee Gam Ya Zakhm Ho To - कोई गम या ज़ख्म हो तो - My Alfaaz

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Wednesday, November 18, 2020

Koee Gam Ya Zakhm Ho To - कोई गम या ज़ख्म हो तो

Koee Gam Ya Zakhm Ho To - कोई गम या ज़ख्म हो तो


Koee Gam Ya Zakhm Ho To - कोई गम या ज़ख्म हो तो

कोई गम या ज़ख्म हो तो भूला भी देते ए- खुदा, 

मगर मुहब्बत नही होती भूलानें के लिए..!!


Koee Gam Ya Zakhm Ho To Bhoola Bhee Dete E- Khuda, 

Magar Muhabbat Nahee Hotee Bhoolaanen Ke Lie!!

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